अधिक उत्पादन के लिए गर्मी में किये जाने वाले कार्य, Activity taken in summer for higher production

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है चन्द्र शेखर जोशी और सभी किसान भाईयों और ब्लॉग पढ़ने वाले साथियों का स्वागत है हमारी  इस वेवसाईट www.kisanhomecart.com में.

अभी लगभग सभी खेत खाली पड़े है, जिनके पास सिंचाई की व्यवस्था है केवल उन्ही किसान भाईयो ने खेत में फसल लगा रखी होगी. तो अभी गर्मी के मौसम में ऐसा क्या किया जाये की जब बारिश के मौसम में फसल लगाये तो उत्पादन भी ज्यादा आये और फसल में कीड़ो व रोग से नुकसान भी कम हो. तो आज हम आपको बताने जा रहे है ऐसी ही एक तकनीकी के बारे में जिसका इस्तेमाल आप अपने खेत में करेंगे तो आपको उत्पादन ज्यादा मिलेगा एवं खेत में रोग व कीड़े भी कम लगेंगे. हालांकि इस तकनीकि का इस्तेमाल करके आपकी लागत बढ़ जाएगी लेकिन हम इसी ब्लॉग  में आपको बताएँगे की इसकी लागत की कम कैसे करे.

हमारे इस वेवसाईट पर हम कृषि से सम्बंधित, फसल उत्पादन की तकनीकी, उधानिकी फसलों, पशुपालन, कृषि की सरकारी योजनाओं आदि के बारे में पोस्ट या ब्लॉग डालते है. ताकि किसान भाइयो को खेती के बारे में नई नई जानकारी मिलती रहे.

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तो आज हम यहाँ बात करेंगे गर्मी की गहरी जुताई के बारे में, उसके क्या लाभ है, उसके कैसे करवाना है, उसकी लागत क्या आती है, लागत को कम कैसे करे, गहरी जुताई से उत्पादन कैसे बढेगा व फसल में रोग व कीड़ो के नुकसान को कैसे होंगे , आदि के बारे में यहाँ पर हम चर्चा करेंगे,

गर्मी की गहरी जुताई फसल कटाई के बाद अप्रैल -मई महीने में की जाती है. मई में महीने में अधिक गर्मी पड़ती है तो इस समय खेत में गहरी जुताई करने पर ज्यादा लाभ मिलता है. गहरी जुताई के लिए बिभिन्न प्रकार के हल आते है. उन्ही में से एक पलटी प्लाऊ आता है जो गहरी जुताई करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. गहरी जुताई लगभग एक फीट गहराई तक की जाती है. और इसमें एक फुट तक जमीन की पूरी मिट्टी पलट जाती है.  इस प्लाऊ/हल की कीमत लगभग 65 हजार तक रहती है, कुछ इस तरह के प्लाऊ की कीमत कम भी रहती है तो इसकी कीमत क्वालिटी के अनुसार रहती है. इससे जुताई करने के लिय ज्यादा हॉर्स पॉवर बाले ट्रेक्टर की जरूरत रहती है. तथा इस हल को चलाने के लिए ट्रेक्टर में हाइड्रोलिक सिस्टम लगा होना चाहिए. ये हल एक बार एक तरफ से चलता है व एक बार दूसरी तरफ से चलता है. इस तरह से चलने के कारण जमीन की पूरी जुताई होती है. नहीं तो सामान्य हल में कुछ जमीन बिना जुती छूट जाती है. इस प्रकार के पलटी प्लाऊ से पुरे खेत की जुताई हो जाती है. इसकी जुताई के चार्ज/लागत 700 रुपये/घंटे रहती है. व एक हेक्टर जमीन की गहरी जुताई में लगभग 8 घंटे लगते है. तो एक हेक्टर की गहरी जुताई की लागत 5600 रुपये आती है. तो इससे फसल उत्पादन की लागत बहुत बढ़ जाती है. 

लागत कैसे कम करे – गहरी जुताई तीन साल में एक बार करवाई जाती है हर साल खेतों की गहरी जुताई करने की जरूरत नहीं है.

एक बार में सभी खेतों की गहरी जुताई न करे. हर साल कुछ-कुछ खेत की गहरी जुताई करवाए जिससे एक बार में लागत बहुत अधिक नहीं आएगी.

कुछ राज्यों में गर्मी में गहरी जुताई करवाने पर प्रति हेक्टर अनुदान दिया जाता है, इसका लाभ लेने के लिए आप अपने जिले में कृषि विभाग में संपर्क कर सकते है. सभी किसानों को इसका लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि योजना कम लोगों के लिए आती है. लेकिन योजना हर साल आती है तो किसी भी साल किसान इसका लाभ ले सकते है.

उत्पादन पर प्रभाव- गहरी जुताई करने से खेत की पूरी मिट्टी पलट जाती है तो खेत में जो भी कचरा आदि रहता है वो मिटटी में नीचे चला जाता है, और सड़कर खाद बन जाता है.

खेत की मिट्टी में कीड़े कोकून बनाकर पड़े रहते है तथा अपनी सुसुप्त अवस्था में रहते है व इस तरह से जिन्दा रहते है, जब किसान फसल लगाता है तो ये कोकून में से निकालकर इल्ली व कीड़े बनाकर फसल को नुकसान पहुचाते है, मिटटी पलटने से कोकून जमीन के ऊपर आ जाते है व कीड़े खाने वाले पक्षी इनको खा जाते है. इसकी तरह से खेतो में रोग पैदा करने वाली फंगस रहती है.  तो गहरी जुताई के कारण ये सभी ऊपर आ जाते है व सूरज की तेज धुप के कारण नष्ठ हो जाते है. इनके नष्ट होने से फसल में नुकसान कम होता है.

लगातार एक स्तर पर जुताई करने से या एक ही तरह से जुताई करने पर जमीन के नीचे 15 सेमी. की गहराई पर जमीन की कठोर परत बन जाती है जिसके कारण बर्षा का पानी ज्यादा मात्रा में जमीन में अंदर नहीं घुस पाता है और बहकर खेत से बाहर निकल कर बेकार हो जाता है. इसके कारण उपजाऊ मिटटी व पानी दोनों का नुकसान होता है. गहरी जुताई से कठोर परत टूट जाती है और बारिश का पानी खेत में ज्यादा अन्दर तक जाता है व खेत में सिंचाई की आवश्यकता कम पड़ती है. इस तरह से गर्मी की गहरी जुताई के कारण फसल का उत्पादन ज्यादा मिलता है व फसल में रोग भी कम लगते है.

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