अमृत पानी- जैविक खाद व कीटनाशी

अमृत पानी- तरल जैविक खाद व कीटनाशी 

एक साथ फसल में खाद देने  व कीट नियंत्रण का तरीका-

यह जैविक तरीके से बनाया हुआ जैविक खाद व कीटनाशी होता है जिसको घर पर बनाके फसल में छिड़कने पर फसल में खाद की पूर्ति होती है व कीटो का नियंत्रण भी कर सकते है. यह एक जैविक तरीके से बनाया हुई खाद व कीटनाशी है जो फसल को किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं पहुचाती है. इसको किसी भी फसल में प्रयोग किया जा सकता है. इसको बनाना बहुत ही आसान है, इसमें केवल घरेलू सामग्री ही लगती है, जिसके कारण इसको घर पर ही बनाया जा सकता है.

  • इसको बनाने के लिए सामग्री-
  • 1- एक खाली पुराना मटका जो फूटा न हो.
  • 2. दस लीटर पानी
  • 3. एक किलो ताजा गाय का गोवर. गाय का गोबर उपलब्ध न होने पर अन्य पशु का गोबर भी इस्तेमाल कर सकते है.
  • 4. एक किलो चने का आटा ( बेसन)-
  • 5. गुड (jaggery) 100 ग्राम – जितना ज्यादा पुराना व कम से कम कीमत वाला गुड इस्तेमाल करे.
  • एक किलो नीम की पत्ती.
  • एक किलो आक की पत्ती.
  • एक लीटर गाय का मूत्र.
  • बनाने की विधि- इसको बनाने के लिए गाय के गोबर , बेसन, गुड का पानी में घोल बनाकर घड़े में डाल दे. सभी का घोल अलग अलग बनाना है इसके बाद घोल बना बनाकर मटके में डालते जाये. बेसन व गुड को भी अच्छी तरह घोलकर घोल बनाये. इसके बाद नीम व आक की पत्ती को अच्छी तरह कुचलकर मटके में डाले व गाय के मूत्र को भी मटके मे डाले.
  • इसके बाद मटके का मुह बांधकर 10 दिन के लिए छाव में रख दे.
  • दस दिन बाद ये तैयार हो जायेगा, इसके बाद इसे छानले, छानने के बाद जो पानी का घोल रहता है उसका स्प्रे करे.
  • इस्तेमाल का तरीका–  दौ सौ पचास से पांच सौ मिलीलीटर एक पम्प में डालकर 15 लीटर पानी में घोल कर स्प्रे करे.
  • किसी टोंटी वाली टंकी या डिब्बे में भरकर उसमे छेद करके पानी की सिंचाई की नाली के ऊपर रख कर बूँद बूँद पानी में टपकने दे.
  • एक लीटर अमृत पानी 15 लीटर पानी के साथ पंप में घोलकर नोजल को हटाकर जड़ो के पास डाले (इससे  ड्रेंच करना कहते है)
  • बाल्टी से  भी घोल बनाकर डाल सकते.
  • यह एक एकड़ के लिए पर्याप्त है.
  • बेहतर परिणाम के लिए हर 10-15 दिन के बाद स्प्रे करे.
  • इसका उपयोग करने से फसल की गुणवत्ता बहुत ही अच्छी होगी क्योकि इसमें किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं किया गया है. तथा इसका प्रयोग करने के कारण किसान को खेती में लागत भी कम आयेंगी. इसको बनाने में बहुत ही कम पैसा खर्च होता है.

धन्यवाद

इसको आप हमारे चैनल डिजिटल खेती – digital kheti  पर     युट्यूब पर भी देख सकते है या गूगल पर Digital Kheti सर्च/खोजे.

https://www.youtube.com/channel/UC8y4ihEQyARwqQMGbzR4ISA

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *