टॉप प्रॉफिट देने कृषि व्यवसाय

Top Profitable Agriculture Businesses

हम यहाँ किसान भाइयों के लिए कुछ कृषि व्यवसाय के बारे में बताना चाहते है, जिनको वो लोग अपने फार्म या घर पर ही स्थापित कर सकते है और खेती से और अच्छा पैसा कम सकते है, क्योकि जो कच्चा माल/सामान लगता है वो किसान के पास आसानी से उपलब्ध रहता है, बस किसान को उस व्यवसाय की पूरी जानकारी व उसकी उन्होंने कही ट्रेनिंग ली हो. यह बिज़नेस करना बहुत ही आसान है.

  1. मोती उत्पादन

  • लागत कम से मध्यम.
  • बचत बहुत ही ज्यादा होती है.
  • लेकिन इसमें किसान को प्रशिक्षण की आवश्यकता की होती है.
  • कम जगह की आवश्यकता.
  • छोटे पैमाने पर इसकी लागत लगभग 15-20 हजार तक आती है, और लाभ लगभग हर साल 1-1.5 लाख तक होता है.

2.मशरूम की खेती

  • लागत कम आती है व किसान इसको अपने घर पर आसानी से कर सकते है.
  • चूकि एक बार इसमें उत्पादन शुरू हो जाता है जो तो प्रतिदिन खपत होती है व किसान को लगातार आय मिलना शुरू हो जाता है.
  • पैदा किये गए मशरूम को फ्रेश व सुखाकर व पैक करके दूर स्थानों तक भेजकर लाभ कमा सकते है.
  • इसमें प्रशिक्षण की आवश्यकता. जो 5-10 दिन का रहता है.
  • कम जगह की जरूरत.
  • 3. ब्रोयलर मुर्गी पालन

  • इसमें मांस के लिए मुर्गी पाली जाती है,
  • इसमें मुर्गी के बच्चे लाकर पालने पड़ते है, उनकी उचित देखभाल करने के बाद जब वो पर्याप्त वजन के हो जाते है तो उनकों बाजार या होटलों में बेच दिया जाता है.
  • लागत मध्यम आती है
  • प्रतिदिन बिक्री होती है, इसमें बच्चे से बड़े का रोटेशन बनाना पड़ता है.
  • जगह की कम आवश्यकता होती है.
  • कुछ जगहों पर कुछ बड़ी बड़ी कंपनी किसानो को बच्चे उपलब्ध कराती तथा उनकी देखभाल के लिए डॉक्टर या कंपनी  का कर्मचारी भेजती है ये देखने के लिए की सबकुछ ठीक है. व मुर्गी का दाना भी उपलब्ध कराती है.
  • किसान को केवल शेड बनाना है व उनकी रोजाना देखभाल करनी है.
  • बाद में कंपनी ही उनसे मुर्गा बड़ा होने पर खरीद भी लेती है.
  1. लेयर मुर्गी पालन (अंडा उत्पादन)

  • इसमें मुर्गिया पालकर अंडो का उत्पादन किया जाता है.
  • लागत मध्यम लगाती है .
  • चूकि प्रतिदन खपत व बिक्री होती है अत किसान को लगातार इनकम होती रहती है.
  • जगह की कम आवश्यकता.
  • अधिक देखभाल की आवश्यकता
  1. मुर्गी हेचरी

  • इसमें मुर्गिया रखकर उनसे जो बच्चे पैदा होते हो उनको उन लोगो को बेचा जाता है जो मास व अंडे आदि के लिए मुर्गी पालन करते है.
  • मुर्गी के बच्चे बेचने का व्यवसाय.
  • लागत कम.
  • बचत अच्छी.
  • विशिष्ट तकनीकि की जानकारी होनी चाहिए.
  • कम जगह की आवश्यकता व अधिक देखभाल की आवश्यकता.
  1. मछली पालन

  • लागत मध्यम.
  • उत्पादन व् बचत अच्छी.
  • लोकल बाजार उपलब्ध आसानी से.
  • कम जगह की आवश्यकता
  1. सब्जी उत्पादन

  • संकर सब्जी उगाने पर उत्पादन अच्छा आता है.
  • हमेशा अच्छी, ब्रांडेड कंपनी के ही बीजों का इस्तेमाल करना चाहिए,
  • अधिक भाव वाली सब्जी उगाये.
  • चूकिं रोजाना खपत होती है इसलिए सब्जिओ को रोटेशन में लगाये.
  • हर 7-15 दिन में बेचने वाली व् एक ही वार में पकने वाली सब्जी का बरावर अनुपात रखे.

 

  • 8. नर्सरी

  • सब्जी की पौध.
  • फलो की पौध.
  • शोभाकारी पौधों की पौध.
  • जगह कम की आवश्यकता.
  • मध्यम लागत.
  • मुनाफा बहुत अधिक.
  • लम्बी अवधि तक चलने वाला व्यवसाय.
  • तैयार पौध को कही भी बेच सकते है. एक बार लोगो को पता चल जाये तो लोग एडवांस पैसा देकर भी अपने लिए पौध तैयार करवाते है.
  1. फलो का बगीचा

  • लागत मध्यम से उच्च.
  • लागत शुरू में ही ज्यादा लगती.
  • एक बार पेड़ो में फल आना शुरू हो जाये तो लगातार 15-25 साल तक फल देते है.
  • एक निश्चित समय के बाद बहुत ही अच्छी आमदनी होती है.
  • बाद में न्यूनतम लागत मुनाफा अधिक.

 

 

  • 10.  दुकान का संचालन

  • सभी किसानो को कृषि आदान- खाद, बीज, दवाई की जरूरत होती है अत कोई भी किसान इनकी दुकान खोल सकता है एव अपने गाँव या नजदीकि के गाँव में बेचकर मुनाफा कमा सकता है.
  • प्रतिस्पर्धा अधिक.
  • लागत मध्यम.
  • मुनाफा मध्यम.

11 .बीज उत्पादक कंपनी

  • लागत मध्यम से अधिक.
  • किसानो के साथ सम्बन्ध व सम्पर्क होना आवश्यक ताकि पर्याप्त मात्रा में बीज उत्पादन किया जा सके.
  • मुनाफा बहुत अधिक.
  • बीज प्रमाणीकरण की पूरी जानकारी होनी चाहिए.
  • प्रमाणित बीजो- गेहू, चना, सोयाबीन आदि के बीजो का उत्पादन किसान आसानी से कर सकते है.
  • आजकल हर जिले में बीज प्रमाणीकरण अधिकारी रहता है जिसकी मदद से आसानी से बीज उत्पादन किया जा सकता है.
  1. हाई-टेक डेयरी

  • लागत माध्यम से अधिक.
  • प्रशिक्षण की आवश्यकता.
  • मुनाफा अधिक.
  • लोकल बाजार आसानी से उपलब्ध.
  • चूकि दूध की रोजाना खपत होती है अत यह व्यवसाय कभी भी कही भी चलने वाला व्यवसाय है.
  • डेरी व्यवसाय में गाय व भेंस का उचित अनुपात रखना चाहिए.
  • चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए.
  1. पाली हाउस

  • इसमें किसान सब्जी, खीरा आदि लगा सकते है.
  • इसमें उत्पादन खुले खेत की तुलना में कई गुना ज्यादा आता है.
  •  फसल में रोग व कीड़ो का नुकसान बहुत ही कम होता है.
  • शुरूआत में लागत अधिक लगती है.
  • मुनाफा ज्यादा.
  • निर्माण पर अनुदान/छूट भी मिल जाएगी.
  • उचित देखरेख की आवश्यकता.
  • सिंचाई के पानी का स्रोत होने आवश्यक है जिसमे पुरे साल भर पानी रहता हो.
  • 14. वर्मी कम्पोस्ट-

  • इसमें किसानों को केंचुआ पालन कर केचुआ खाद या वर्मी कम्पोस्ट बनाना रहता है.
  • शुरूआत में वर्मी पिट बनाने के लिए लागत आयेंगी.
  • इन पिट में खाद बनाकर किसान अपने नजदीकि के किसान या शहर में गमले में पौधे लगाने वाले, या पाली हाउस वालो को बेच सकते है.
  • एक बार पिट में केंचुए पालने के बाद केचुओ के संख्या बहुत बाद जाती है तो किसान केंचुओ के भी बेच सकते है.
  • केंचुए 300-500 रुपये प्रति किलो के भाव से बिकते है.
  • तथा केंचुए की खाद 5-15 रुपये किलो के भाव से बिकती है.

अधिक जानकारी के लिए गूगल या यूट्यूब पर खोजे/सर्च करे हमारे चैनल —Digital Kheti……..

हमारी वेवसाईट पर फॉलो अस बटन के यूट्यूब आइकन पर भी क्लिक कर हमारे चैनल digital kheti को देखे.

धन्यवाद.

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *