तरबूज की उत्पादन तकनीकि, Cultivation of Watermelon.,

तरबूज की उत्पादन लागत, तरबूज की उत्पादन तकनीकि, Cultivation of Watermelon.

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आज इस पोस्ट में हम चर्चा करेंगे तरबूज (water melon) फसल के उत्पादन के बारे में. यह मुख्यतया गर्मी की फसल है. यह एक अतिरिक्त आय की तरह है क्योंकि लोग ज्यादातर गर्मी में फसल उत्पादन नहीं करते है, तो जिन किसान भाइयो के पास सिंचाई की सुविधा है वो तरबूज का उत्पादन कर अधिक लाभ कमा सकते है.

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तरबूज की बीज दर – इसकी बीज दर 250 ग्राम प्रति एकड़ रहती है.  बीज का भाव 35-40 हजार रूपये प्रति किलोग्राम रहता है. हालाँकि सस्ता बीज भी आता है लेकिन उसका उत्पादन बहुत ही कम रहता है. बहुत सारी प्राइवेट सिंजेंटा, कलश सीड, नुन्हेम्स सीड कंपनी आदि, जिनका हाइब्रिड तरबूज का बीज आता है, किसान भाई खाद, बीज बेचने वालों की दुकान से तरबूज का बीज खरीद सकते है.

लगाने की विधि – इसको रिज बेड पध्दति से लगाते है इसमें चार फीट की दूरी पर मेड बनाते है और पौधे से पौधे एक फुट की दूरी रखकर बीज को लगा दिया जाता है.लगाने का समय – जनवरी -फरवरी –मार्च का प्रथम सप्ताह बुवाई के लिय उपयुक्त है.

कुछ लोग तरबूज उगाने के लिए प्लास्टिक मल्च का उपयोग करते है, जिसके अन्दर सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम भी लगा दिया जाता है. मल्च वाली पॉलिथीन में पौधों को बाहर आने के लिए छेद कर दिए जाते है. कुछ लोग एक हिल में दो बीज भी लगाते है ताकि कम से कम एक बीज उग आये और जगह खाली न रहे, नहीं तो उत्पादन में कमी आती है. इसमें  बीज की मात्रा ज्यादा लगती है.प्लास्टिक मल्च के कारण खेत में खरपतवार नहीं उगते है व ड्रिप के कारण आसानी से सिंचाई भी कर सकते है. प्लास्टिक मल्चिंग की लागत प्रति एकड़ 20 हजार रुपये आती है.

पौधों में 30-40 दिन बाद फूल आते है एवं लगभग 70-75 दिन में फल बनता है. जिसकी तुड़ाई करते है और मंडी में थोक में या फुटकर में बेच सकते है.

आय व्यय एक एकड़ में लगभग बीस हजार फल लगते है अगर एक फल का वजन 2 किलो का माने तो लगभग 2 कि.ग्रा. * 20000 फल तो कुल चालीस हजार किलोग्राम तरबूज का उत्पादन होता है एक एकड़ में.और मंडी में 5-10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से थोक में बिकता है और फुटकर में बेंचे तो 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से भी बिकता है. इस तरह से किसान तरबूज की खेती से अच्छा लाभ कमा सकते है. अगर पाच रुपये किलो के हिसाब से भी सेल माँने तो  दो लाख होता है और एक लाख का भी खर्चा माने तो लगभग एक लाख की बचत होती है.

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