पौधशाला – नर्सरी – ( Nursery ) का व्यवसाय

पौधशाला – नर्सरी – Nursery का व्यवसाय

पौधशाला – नर्सरी – ( Nursery ) नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है हमारी इस वेवसाईट किसानहोमकार्ट.कॉम (www.kisanhomecart.com) में आज हम यहाँ समझेंगे नर्सरी के बारे में एवं उससे लाभ या पैसा कैसे कमाए.

नर्सरी कई प्रकार की होती है- फलों के पौधे की नर्सरी (नवोदभिद) – Fruit Plant Seedlings सब्जी की पौध नर्सरी – Vegetable Seelings सजावटी पौधे की नर्सरी – Ornamental Plant Seedlings. औषधीय पौधों की नर्सरी – Medicinal Plant Seedlings. वानिकी पौधों की नर्सरी – Forest Plant Seedlings.

नर्सरी के अन्य प्रकार – अर्ध सरंक्षित पौधशाला (Semi Protected ) – इसमें आधी जगह खुली रहती है व आधी जगह किसी नेट या पक्की दीवार व छत से ढकी रहती है . पूर्ण सरंक्षित पौधशाल  ( Fully Protected ) – यह पूरी तरह से नेट आदि से ढकी रहती है. सभी पौधशाला से सम्बंधित कार्य उसी के अन्दर किये जाते है.

अनुदान/छूट ( Subsidy -Rebate ) – इसमें 0.25 हेक्टर से 4 हेक्टर की नर्सरी रहती है. इसमें 1 हेक्टर तक की नर्सरी को छोटी नर्सरी व 4 हेक्टर तक की नर्सरी को बड़ी नर्सरी कहते है.इसी आधार पर रुपये प्रति हेक्टर के मान से या लागत का 50 %  अनुदान नर्सरी विकसित करने पर दी जाती है.

पौधे तैयार करना – कुछ लोग शुरूआत में बड़ी नर्सरी से पौधे मगाते और उसमें अपना लाभ/मार्जिन जोड़कर फिर पौधों को बेचते है. सजावटी पौधों की नर्सरी जो शहर में रहती है वो इसी तरह का व्यापर करते है. लेकिन अन्य लोग या किसान शुरूआत मे ऐसा कर सकते है.लेकिन पहले किसान आदि को फलों आदि के पेड़ो का बगीचा तैयार करना चाहिए उसके बाद उनसे पौध तैयार करके फिर बेचना चाहिए. सभी तरह के पौधे या तो पेड़ के किसी भाग से या पौधों को आपस में जोड़कर नए पौधे तैयार किय जाते है. जिन किसान भाइयो के पास फलो के बगीचे है वो लोग थोड़ा प्रशिक्षण लेकर आसानी से पौध तैयार कर सकते है. सब्जी की पौध – हर मौसम खरीफ, रवि व जायद में सब्जी के पौधों की मांग लोकल/स्थानीय किसानों की रहती है. तो आसानी से सब्जी की पौध तैयार कर अन्य किसानों को बेच सकते है. वानिकी पौधों की जानकारी के लिए अपने जिले में वन विभाग में संपर्क कर सकते है.

प्रशिक्षण एवं अनुदान ( Training & Subsidy )– जो शासकीय संस्थान है उधानिकी या वानिकी या औषधीय पौधों से सम्बंधित उनसे संपर्क करके, वहा जाकर प्रशिक्षण लिया जा सकता है. इसकी जानकारी ऑनलाइन उनकी वेवसाईट आदि पर आसानी से मिल जाती है. अपने जिले में उधानिकी, कृषि विभाग या आत्मा परियोजना के कार्यालय में भी प्रशिक्षण के लिय संपर्क कर सकते है. अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने जिले में उधानिकी विभाग में सम्पर्क करना चाहिए.

स्ट्राटेजी – कार्य योजना/ विपणन /मार्केटिंग (Strategy/Planning/Marketing – नर्सरी का व्यवसाय एक टाइम लेने वाला व्यवसाय है, शुरूआत में दिक्कत आती है, लेकिन जब एक बार आप पौधे तैयार करना आदि सीख जाते है तो पौध की लागत बहुत ही कम हो जाती है. नर्सरी के प्रचार प्रसार के लिए रोड के किनारे पौधों की प्रदर्शनी लगा सकते है, सोशल प्लेटफार्म जैसे फेसबुक आदि पर पेज या आई.डी. बनाकर अपने व्यापर का प्रचार प्रसार कर सकते है. सरकारी विभाग विभिन्न योजनाओं के तहत बगीचा आदि लगवाते है वहा भी संपर्क कर सकते है.

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इस तरह किसान भाई खेती के साथ नर्सरी में पौध तैयार करके भी अधिक लाभ कमा सकते है.


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