फसलों का बीमा क्लेम

  • प्रधान मंत्री फसल बीमा के लिए आवेदन कैसे करे ?
  • फसलों का बीमा क्लेम
  • योजना का लाभ कैसे उठाये-
  • ऋणी कृषक (अनिवार्य आधार पर) – जिन किसानो के पास किसान क्रेडिट कार्ड है, या जिन्होंने बैंक से (15 सितम्बर से 15 जनवरी तक)  लोन लिया है उनको बीमा करवाना अनिवार्य है. इनको बैंक में जाकर संपर्क करना है, ऋणी किसानों का बीमा बैंक स्वत कर देती है. बैंक को ऋणी किसान का बीमा करना ही पड़ता है.
  • अऋणी कृषक (ऐच्छिक आधार पर)- जिस किसान के पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है एवं बैंक से लोन नहीं लिया है वे किसान भी बीमा करा सकते है, उनको सलाह है कि वो भी बीमा अनिवार्य रूप से कराये.
  • अऋणी किसान के लिए आवश्यक दस्तावेज –
  • पूरी तरह भरा हुआ बीमा  प्रस्ताव पत्र. (बैंक या कृषि विभाग से ले)
  • भू अधिकार पत्रिका/ खाता खसरा  
  • पटवारी/ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से प्रमाणित बुवाई प्रमाण पत्र
  • पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आई डी, राशन कार्ड, पेन कार्ड) की फोटोकॉपी
  • प्रीमियम राशि, ये सभी ले जाकर जिस बैंक में उसका खाता है उसमे  जमा करे.
  • प्रीमियम राशि अपने खाते में जमा कराये, वहा से बैंक राशि को बीमा कंपनी के खाते में जमा करेंगी.
  • प्रीमियम राशि कैसे पता करे – कृषि विभाग में, या बैंक में जहा से किसान क्रेडिट कार्ड लिया है, या ऑनलाइन मोबाइल या कम्पूटर पर इस www..pmfby.gov.in वेवसाईट पर जाकर पता करे.
  • प्रीमियम की अंतिम तारीख –
  • किसान बुवाई के बाद अंतिम तारीख तक बीमा करा सकते है.
  • बैंक द्वारा  बीमा की प्रीमियम राशि लेने की अंतिम तारीख ऋणी व अऋणी किसानो के लिए 15 जनवरी है.
  • प्रीमियम दर- रबी फसलों के लिए 1.5 % व नगदी व वाणिज्य फसलों के लिए 5 % बीमित राशि का.
  • बीमित राशि – ऋणी व अऋणी किसानो के लिए  प्रत्येक जिले की जिला स्तरीय तकीनीकी  समिति दयारा कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में, उस क्षेत्र की सभी फसलों के लिय बीमित राशि निर्धारित की जाती है.
  • क्षतिपूर्ति के विकल्प –
  • ओलावृष्टि, भूस्खलन एवं जल प्लावन की स्थिति में व्यक्तिगत क्षतिपूर्ति की जाएगी.
  • बुआई की विफलता- यदि संभावित बुवाई क्षेत्र  के 75% क्षेत्र में बुवाई न होने पर क्षतिपूर्ति की जाएगी.
  • मौसम के अंत में औसत पैदावार आंकड़ो के आधार पर दावा भुगतान किया जायेगा.
  • फसल कटाई के बाद 15 दिन तक चक्रवात या बेमौसम बारिश से नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति की जाएगी.
  • क्षतिपूर्ति का तरीका – इसमें हर पटवारी हलके में कृषि बिभाग के फील्ड अधिकारी व राजस्व विभाग के पटवारी अधिकारी  द्वारा फसल कटाई प्रयोग किये जाते है. इसमें खेत के अन्दर से 5*5 वर्ग मीटर  क्षेत्रफल से फसल, पकने पर काटी जाती है, फिर इसकी थ्रेशिंग करके गीले व सुखाकर उपज का वजन लिया जाता है.
  • यह फसल कटाई का प्रयोग स्मार्ट मोबाइल एप की सहायता से किया जाता है इसमें खेत का फोटो,फसल की कटाई करने का फोटो, 5*5 वर्ग मीटर की उपज के फोटो ऑनलाइन भेजे जाते है, फिर उस हलके की या एरिया की औसत उपज के आधार पर क्षति पूर्ति की जाती है. यदि इन फसल कटाई प्रयोगों की  औसत उपज, जिले की औसत उपज से कम आती है, तो उसी अनुपात में किसानों को बीमा राशि का भुगतान किया जाता है.
  • नुकसान होने पर या बीमा मिलने की दशा में पैसे किसान के खाते में स्वत आ जाते है.  
  • ज्यादा जानकारी के लिए किसान भाई निकटतम बैंक या प्राथमिक कृषि सहकारी समिति, कृषि विभाग या आपके जिले में बीमा करने वाली कंपनी के ऑफिस या कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करे.
  • Photo courtesy fr fmfby.com.
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  • बीमा की पूरी जानकारी के लिए इस वीडियो को देखे या लिंक पर क्लिक करे –
  • https://youtu.be/yKpgx7L5en4

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