फसलों व सब्जियों में कीट नियंत्रण

  • INSECT CONTROL IN CROPS & VEGETABLES, 
  • कीड़े फसलों में पत्ती, तना आदि से रस चूस कर, पत्तियो को खाकर, तने में छेद करके, फसल को पत्ती रहित करके,पेड़ो/फसलों के फूलों को गिरा के, आदि से नुकसान पहुचाते है.
  • सबसे ज्यादा फसल में कीडों की लार्वा अवस्था नुकसान पहुचती है.
  • कीडों की जनन अवस्था- अंडे, लार्वा/इल्ली/, निम्फ, वयस्क आदि है.
  • मकड़ी व जैसिड में वयस्क अवस्था व एफिड में निम्फ अवस्था मे नुकसान पहुचाते है.
  • फसलों में कीट नियंत्रण
  • कीटनाशियो से फसल में कीडों का नियंत्रण करते है.
  • तथा एकारिसाईड/माईटीसाईंड से कीडा मकड़ी/माईट का नियंत्रण करते है
  • कार्य करने के आधार पर कीटनाशक तीन प्रकार के होते है.–
  • 1. संपर्क कीटनाशी- ये कीटनाशी कीड़े के संपर्क में आने पर कीड़े की त्वचा से ग्रहण कर लिए जाते है कीडो की श्वसन नलिका को अवरुद्ध करके कीड़े को मर देते है.
  • 2. स्टोमक/जठर कीटनाशी-ये खाने के साथ कीड़े के पेट में चले जाते है और आहार नल में जाकर कीड़े को मर देते है.
  • 3. सिस्टमिक/सर्वांगनाशी – ये पेड़/फसल दयारा सोख लिए जाते है एवं पूरे पेड़ में फ़ैल जाते है जब कीड़ा पेड़ का रस चूसता है तो कीटनाशी आहार नल में जाकर कीड़े को मर देता है.
  • 4. फूमिगेंट/गैसीय कीटनाशी- ये गैस का उत्पादन करते व गैस कीडों दयारा श्वसन नलिका से ग्रहण करने से कीड़े मर जाते है.
  • कीटनाशी –
  1. प्रोपेरागाईट (proparagite 57% EC)-
  •  यह विभिन्न फसलों/सब्जियों में मकड़ी/माईट को मारता है
  • मात्रा – 300-500 मिलीलीटर /एकड़.
  • यह बाजार में ओमाईट आदि नाम से बाजार में मिलता है.
  1. मिथोमिल (Methomyl 40% SP) –
  •  यह विभिन्न फसलों/सब्जियों में पत्ती खाने वाले, फल भेदक, आदि कीडों के लार्वा को मारता है.
  • यह संपर्क, जठरीय व गैसीय विधि से कीडों का नियंत्रण करता है.
  •  मात्रा – 300-400 ग्राम/एकड़.
  • यह बाजार में डूनेट आदि नाम से बाजार में मिलता है.
  • 3. बाईफेन्थ्रिन( बिफेन्थ्रिन 10% EC)-

  •  यह फसलों व सब्जियों में संपर्क व जठरीय विधि से  कीडों के लार्वा, व्हाइटफ्लाई, मकड़ी, जैसिड आदि को मारता है.
  • तथा यह गेहू में दीमक को संपर्क, जठरीय व प्रतिकार्षी (reppelent) विधि से नियंत्रण करता है.
  • दीमक के नियंत्रण के लिए 400 मिली. बाईफेन्थ्रिन को 20-25 किलों रेत/मिटटी में मिलाकर एक एकड़ में फेककर सिचाई कर दे.
  • मात्रा- 200-400 मिली/एकड़
  • यह बाजार में “मार्कर” आदि नाम से बाजार में मिलता है.
  1. कार्बोसुल्फान (Carbosulfan 25% EC)-
  •  यह फसलों/सब्जियों में तना/फल भेदक व जैसिड कीडों को संपर्क व जठर विधि से नियंत्रण करता है.
  • मात्रा – 300-400 मिली/एकड़.
  •  यह बाजार में “आतंक” आदि नामो से बाजार में मिलता है.
  1. इमामेक्टिन बेन्जोएट (Emamectin Benzoate 5% SG)-
  • यह विभिन्न फसलों/सब्जियों में कीडों के लार्वा को मारता है.
  • यह transleminar system ट्रांसलेमिनार सिस्टम यानि पत्तियो के आरपार जाकर पत्ती के नीचे वाले भाग में लगे कीडों को मारता है.
  •  मात्रा 100 ग्राम/एकड़.
  1. एसीटामीप्रीड- (Acetamiprid 20% SP)-
  • यह एक सर्वांग कीटनाशी है जो फसलों /सब्जियों में व्हाइटफ्लाई व रस चूसने वाले कीडों (जैसिड, एफिड, थ्रिप्स आदि) को मारता है.
  • यह किसान के लिए लाभदायक कीडों(मित्र कीट) को नहीं मारता है.
  •   यह बाजार में “धनप्रीत” आदि नाम से मिलता है.
  • मात्रा 60-100 ग्राम/एकड़.
  1. थिआमेथाक्जाम (Thiamethoxam 25% WG)-
  • यह विभिन्न फसलों/सब्जियों में जैसिड, एफिड, व्हाइटफ्लाई, थ्रिप्स लार्वा आदि कीडों को मारता है.
  •  यह कीटनाशी पूरे पेड़ में फ़ैल जाया है व पत्ती के आरपार जाकर छुपे हुए कीडों को भी मार देता है.
  •  मात्रा – 40 ग्राम/एकड़.
  •  यह बाजार में “एरेवा” आदि नाम से मिलता है.
  • 8. इथोफेनप्रोक्स (Ethofenprox 10% EC)-
  •  ये विभिन्न फसलों/सब्जियों में तना छेदक , पत्ती मोडने वाले, कीडों के लार्वा, जैसिड, एफिड, व्हाइटफ्लाई, आदि कीडों को मारता है.
  • यह लार्वा आदि के अलावा कीडों के अंडे को भी नष्ट करता है.
  •  मात्रा – 400 मिली/एकड़.
  •   यह बाजार में “बोम्बार्ड” आदि नाम से मिलता है.
  •  9.  इमिडाक्लोप्रीड Imidacloprid 17.8% SL-
  • एवं यह एक सर्वांगी कीटनाशी है, ये रस चूसने वाले कीडों का नियंत्रण करते है.
  • यह गन्ने में दीमक का नियंत्रण का भी करते है.
  •  मात्रा – 100 मिली/एकड़.
  •  यह बाजार में “मीडिया” आदि नामो से मिलता है.
  1. इमिडाक्लोप्रीड Imidacloprid 70% WG.-
  •  बीज उपचार में उपयोग करते है.
  •  रस चूसक कीडों का नियंत्रण करते है.
  • मात्रा- 12-14 ग्राम/एकड़.
  • यह बाजार में “एड-फायर” आदि नामो से मिलता है.
  1. स्पिनोसेड ( Spinosad 45% EC)-
  •  यह एक प्राकृतिक उत्पाद है.
  • यह विभिन्न फसलों/सब्जियों आदि में केटरपिलर/लार्वा आदि को नियंत्रण करता है.
  •  मात्रा- 50-75 मिली/एकड़.
  •   ये बाजार में “वनअप” आदि नामो से मिलता है.
  1. बुप्रोफेजिन Buprofezin 25% EC-
  • यह फसल/सब्जियों में रस चूसने वाले कीड़े, थ्रिप्स, व्हाइट फ्लाई, निम्फ, कपास/अंगूर में मिलीबग आदि का नियंत्रण करता है.
  • यह निम्फ में शरीर का कंकाल बनाने से रोकता है जिससे निम्फ विकसित नहीं होता व कीड़ा मर जाता है.
  • यह कीडों में मादा की अंडे देने की छमता को कम कर देता है.
  • मात्रा – ३३० मिली/एकड़.
  • यह बाजार में “एप्पल” आदि नामो से बाजार में मिलता है.
  • सावधानिया-
  • फसल में कीडों के अनुसार कीटनाशी का चुनाव करे.
  • सही मात्रा का उपयोग करे.
  • फसल में उपयोग करने से पूर्व कीटनाशी के साथ दिए गए पत्र में निर्देशों को जरूर पड़े.
  • उपयोग करने से पूर्व वैज्ञानिक सलाह जरूर ले.
  •  स्प्रे करते समय कुछ खाए ना  या धूम्रपान न करे.
  • खाली पेट स्प्रे न करे. स्प्रे करने से पूर्व कुछ खा ले.

धन्यवाद.

 

 

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