मिर्च के बीज का भाव, नर्सरी, किस्म व उत्पादन

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है चन्द्र शेखर जोशी और सभी किसान भाईयों और ब्लॉग पढ़ने वाले साथियों का स्वागत है हमारी इस वेवसाईट www.kisanhomecart.com में.

आज इस पोस्ट में हम चर्चा करेंगे मिर्ची की उन्नत व संकर किस्मो के बारे में. नर्सरी तैयार करने, बीज दर, बीज के भाव आदि, साथ ही चर्चा करेंगे मिर्ची की खेती के बारे में. जो लोग मिर्ची लगाते है या लगाना चाहते है वो सभी अभी तैयारी कर रहे होंगे. तो उनके लिए मिर्ची के उत्पादन के बारे में बात करेंगे .हम सभी जानते है खाने में मिर्ची रोज इस्तेमाल की जाती है हरी मिर्ची के रूप में व लाल मिर्च पाउडर के रूप में. जो किसान मिर्ची का उत्पादन करते है व सामान्य फसलो की तुलना में अधिक लाभ कमाते है.

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बीज दर – मिर्ची बोने के लिए एक एकड़ में बीज की मात्रा लगभग 80-100 ग्राम लगती है. यानि लगभग 8-10 पैकेट्स लगते है. पहले पैकेट 10 ग्राम के आते है लेकिन अभी पैकेट बीज की संख्या के आधार पर आने लगे है. एक पैकेट में लगभग 1500 बीज आते है.

नर्सरी – खेत में जिसमे पानी आदि नहीं भरता हो व जानवर आदि के कारण नुकसान न हो ऐसे खेत के हिस्से में मिर्ची की पौध तैयार की जाती है. जब पौध 30-40 दिन के हो जाये तो इसको पहले से तैयार खेत में रोप दिया जाता है.लगाने का समय – खरीफ, रबी व जायद में लगा सकते है.खरीफ रोपाई/वुबाई के लिय मई जून में नर्सरी लगाते है.

दूरी – इसमें रोपते समय 75 सेमी. की दुरी पर मेड बनायीं जाती है व उस मेड पर 60-60 सेमी की दूरी पर पौध को रोप दिया जाता है.कुछ लोग मेड़ो के ऊपर प्लास्टिक की मलच बिछाते है व उसके अन्दर ड्रिप बिछाते है और फिर रोप लगते. इससे खेत में खरपतवार नहीं उगती है व ड्रिप के कारण सिंचाई भी आसानी से हो जाती है.

हाइब्रिड मिर्ची की किस्म – यू. एस.-ओजस (US- Ojus)– यह मोटी व लम्बी रहती है. इसका रंग गहरा ग्रीन रहता है एव पनजेंसी/तीखापन कम से मध्यम तक रहता है. इसका प्रयोग मिर्च की भजिया बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. जो बेसन के घोल में को मिर्च को डालकर फिर तेल में तलकर बनाया जाता है. इस किस्म ओजस को लाल मिर्च पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. इसका इस्तेमाल सब्जी में लाल मिर्च पाउडर के रूप में इस्तेमाल करने पर ग्रेवी का रंग बहुत ही अच्छा रहता है. पूरी ग्रेवी लाल रंग की दिखाई देती है. इस तरह से यह हरी व लाल मिर्ची दोनों में इस्तेमाल की जाती है. इसके बीज का भाव 320 रुपये प्रति पैकेट रहता है.

हाइब्रिड किस्म यू.एस.(US)- 1003 – यह सामान्य रूप से वह किस्म है जो रोज सब्जी बनाने में इस्तेमाल कर सकते है. इसका रंग हल्का हरा या तोतई रंग की रहती है. इसका तीखापन या पनजेंसी मध्यम से उच्च रहती है. यह ज्यादातर हरे फल के रूप सब्जी में इस्तेमाल की जाती है.

US – 720 यह किस्म हरे मिर्च व लाल मिर्च पाउडर दोनों के रूप में इस्तेमाल की जाती है. इसका रंग गहरा व फल की बाहरी परत थोड़ी मोती रहती है. मिर्च का तीखापन माध्यम से उच्च रहता है. उत्पादन भी अच्छा रहता है. इसके पैकेट का भाव 375 रुपये प्रति पैकेट रहता है.

तीनों ही किस्मे उच्च उत्पादन वाली है. ये दोनों किस्मे नुन्हेम्स कंपनी की आती है. नुन्हेम्स कंपनी सब्जी के बीजो के उत्पादन व बेचने वाली एक प्रमुख कंपनी है. अच्छी कंपनी के बीज थोड़े महंगे जरूर होते है लेकिन इनका उत्पादन बहुत अच्छा (High) रहता है व ऐसे बीजो में रोग भी कम ही लगता है.किसान भाई इनमें से किसी भी किस्म को लगा सकते है. जो उनके स्थानीय बाजार में चलती हो. सभी अपने अपने सेगमेंट में अधिक उत्पादन देने वाली किस्मे है.

कीट व रोग – सबसे प्रमुख रूप से थ्रिप्स कीट व  चुर्रा -मुर्रा/ मिर्ची का मोज़ेक या लीफ कर्ल रोग लगता है. जिसकी रोकथाम के लिए दवाई बाजार में आसानी से मिल जाती है.

उत्पादन – हरी मिर्ची का उत्पादन लगभग 30-40 टन प्रति हेक्टर तक होता है और सुखी लाल मिर्ची का उत्पादन 2-3 टन प्रति हेक्टर रहती है. लाल मिर्च उत्पादन वाली मिर्च में दो तुड़ाई हरी मिर्च की जाती है व बाद उसको लाल मिर्च तैयार होने के लिए छोड़ दिया जाता है और अंत में लाल मिर्च बनने पर तुड़ाई कर ली जाती है.

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