लाभ 2 लाख -लागत 12500 रु/एकड़ प्लास्टिक मल्चिंग फार्मिंग,

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आज इस पोस्ट में हम चर्चा करेंगे प्लास्टिक मल्चिंग के बारे में – जिसमे मशीन की कीमत, प्लास्टिक मल्च की कीमत और प्रति हेक्टर कुल लागत या खर्चा तथा इसके लाभ और इसकों कौन-कौन सी फसल में लगा सकते है. और इसके उपयोग से खेती बाड़ी में अच्छा लाभ कमा सकते है.

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सबसे पहले इसकों लगाने के फाएदे – प्लास्टिक मल्चिंग के कारण फसल में खरपतवार का प्रकोप कम होता है या नहीं के बराबर होता है क्योंकि पूरी क्यारी ढकी होने के कारण खरपतवार उगता ही नहीं है अगर थोड़ा बहुत उगता है तो प्लास्टिक के कारण वृद्धि नहीं कर पाता है और मर जाता है. तो खरपतवार के कारण उपज में कोई नुकसान या कमी नहीं होती है.

इसके कारण खेत में सिंचाई कम देनी पड़ती है क्योंकि क्यारी प्लास्टिक से ढकी होती है तो पानी कम भाप बनकर उड़ता है.

दूसरा इसमें मेड बनाकर मल्च बिछाने के समय प्लास्टिक शीट के नीचे ड्रिप की लाइन बिछाई जाती है जिससे आवश्यकता के समय फसल में सिंचाई की जा सके. ड्रिप के कारण भी सिंचाई के पानी की बचत होती है. और ड्रिप के साथ पानी में घुलने वाले खादों से फसल में खाद भी दे सकते है,  पानी में घुलने वालो खादों की कीमत कम रहती है, कम मात्रा में देने पड़ते है, और फसल खाद का अच्छी तरह से उपयोग करती है, वेस्ट कम होता है.

खेत में केवल फसल रहने के कारण कीड़े व रोगों की दवाई कम लगती है व सभी फसल के पेड़ो पर अच्छी तरह से स्प्रे होता है.

कीमत या लागत-

इसकी मशीन की कीमत 45000 रुपये रहती है.

या इस मशीन का प्लास्टिक मल्च बिछाने का किराया 300 रुपये प्रति बण्डल रहता है.

एक बीघा में 3 बण्डल लगते है या एक हेक्टर में 15 बण्डल बिछाये जाते है.

तो एक हेक्टर में 4500 रुपये का किराया लगता है.

प्लास्टिक मल्च के बण्डल की कीमत

इसके एक बण्डल की कीमत 1500-1800 रुपये रहती है.

एक हेक्टर में 15 बण्डल लगते है तो इस प्रकार से 22500 –27000 रुपये तक बण्डल का खर्चा आता है.

तो कुल लागत की – मशीन का किराया + बण्डल की कीमत

4500+22500 – 27000= 27000-31500 रुपये तक प्रति हेक्टर लागत आती है.

इसको आप किसी भी फसल मिर्ची, टमाटर , करेला तरबूज या किसी भी फसल में लगा सकते है. जिनकी कीमत अच्छी रहती है उपज ज्यादा रहती है.

महत्वपूर्ण – सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण ये है की प्लास्टिक मल्च लगाने से सभी चीजे व्यवस्थित हो जाती है. तो किसान का ध्यान फसल पर ज्यादा रहता है. क्योकी इसमें सिंचाई, खरपतवार, स्प्रे आदि की लागत व उनपर लगने वाले समय की बचत होती है. यह सब नए ज़माने की उत्पादन तकनीकी है जो किसानों को जरूर अपनानी चाहिए.

ज्यादा जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करे

plastic Mulch. https://www.youtube.com/watch?v=qkv4W-89DmY

YouTube Channel. https://www.youtube.com/channel/UC8y4ihEQyARwqQMGbzR4ISA

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