श्री विधि से गेहू की बुवाई

Sowing of Wheat by SRI Method
  • यह गेहू बोने की एक विशेष विधि है. जिसमे बीज को उपचारित करके बोया जाता है, जिसके कारण उसमे रोग व कीड़े नहीं लगते है व बीज के अंकुरण प्रतिशत में वृद्धि होती है, जिससे उत्पादन में वृद्धि होती.
  • फसल की बडवार दर भी ज्यादा रहती है.
  • फसल ज्यादा स्वस्थ व ओजस्वी रहती है
  • इस विधि से बुवाई में बीज की दर कम रहती जिसके कारण सामान्य बुवाई की तुलना में कम बीज की मात्रा की आवश्यकता होती है. अत किसान को बीज के पैसो की बचत होती है.
  • चूकि सामान्य बुवाई की तुलना में लाइन से लाइन व पौधे से पौधे की दूरी ज्यादा रहती है इसलिए खरपतवार नियंत्रण में आसानी रहती है.
  • इस विधि से बोने से पौधों से निकालने वाले कल्लो की संख्या ज्यादा रहती है इसलिए ज्यादा बालिया लगने के कारण उपज में वृद्धि होती है.
  • इस विधि से बोने पर फसल में बालीयों की लम्बाई ज्यादा रहती है जिससे प्रति बाली दानों की संख्या ज्यादा रहती है व उपज में वृद्धि होती है.
  • बीज का चुनाव– इस विधि से बीज बुवाई के लिए प्रमाणित व उन्नत किस्म के बीज का उपयोग करते है.
  • बीज दर – 10 किलोग्राम/एकड़.
  • श्री विधि से बुवाई के लिए बीज उपचार के लिए सामग्री
  • 10 किलोग्राम उन्नत किस्म का बीज.
  • 20 लीटर गर्म (कुनकुना) पानी.
  • पांच किलोग्राम वर्मी कम्पोस्ट/केंचुए का खाद
  • एक किलोग्राम गुड
  • गोमूत्र 4 लीटर
  • कारबेंडाजिम 20 ग्राम. या ट्राईकोडर्मा 50 ग्राम.
  • बीज उपचार की विधि
  • दस किलोग्राम बीज ले, इसमें पड़े कंकड़, पत्थर आदि को निकालकर बीज को साफ करे.
  • एक बर्तन में 20 लीटर पानी लेकर उसका हल्का गर्म करे एक उबल आने तक.
  • अब साफ बीज को को इस गर्म पानी में डाले व पानी में ऊपर तैर रहे हलके व खोखले बीजो को निकालकर बाहर फेंक दे.
  • अब इस पानी में 5 किलोग्राम केंचुए की खाद, एक किलोग्राम गुड, 4 लीटर गोमूत्र मिलकर हिलाए व गुड व खाद को अच्छी तरह पानी में घोल दे अब इस मिश्रण को 8 घंटे के लिए छाव में रख दे.
  • 8 घंटे बाद इस मिश्रण को छानकर गेहू को अलग करे.
  • बीज व अन्य मिश्रण में कारबेंडाजिम या ट्राईकोडर्मा से किसी एक को बीज के साथ मिला कर बीज उपचार करे.
  • इसमें बाद इस इस गेहू को किसी गीले बोरे या कपडे में बांधकर 20 घंटे के लिए रख दे.
  • 20 घंटे बाद बीज अंकुरित हो जायेंगे. इन अंकुरित बीजो का उपयोग बुवाई के लिए करे.
  • श्री विधि से गेहू की बुवाई-
  • बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए ताकि अंकुरित बीज खराव न हो. खेत में पलेवा (बुवाई से पूर्व सिंचाई करना) करके खेत में बीज बोना चाहिए.
  • बोने के लिए दूरी
  • लाइन से लाइन की दूरी 8 इंच व
  • पौधे से पौधे के बीच की दूरी 8 इंच रखी जाती है.
  • इस दूरी पर हलके से छेद करते है व एक छेद में दो बीज रखकर बीज मिट्टी से ढक देते है इस तरह बुवाई की जाती है .
  • या एक कुदाली से 1 से 1.5 इंच गहराई की 8 इंच की दूरी पर एक नाली बनाते है अब 8 इंच की दूरी पर 2 बीज रखकर, बीजो को मिट्टी से ढक देते है. इस तरह पौधे से पौधे व लाइन से लाइन के बीच की दूरी 8 इंच रहती है.
  • पहली सिंचाई थोडा जल्दी करे अन्य क्रियाये सामान्य गेहू उत्पादन जैसी ही रहती है.
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  • धन्यवाद

 

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