स्वीट कॉर्न मक्का की खेती

स्वीट कॉर्न मक्का की उत्पादन तकनीकि

स्वीट कॉर्न मक्का- इस मक्का का उत्पादन सामान्य मक्का के उत्पादन के सामान ही होता है. लेकिन स्वीट कॉर्न मक्का का भुट्टा बहुत ही मीठा होता है जिसको आग पर सेक के खाया जाता है. चूकि इसका भुट्टा सामान्य मक्का की तुलना में ज्यादा मीठा होता है तो लोगो दयारा ज्यादा पसंद किया जाता है, इसका हरा भुट्टा बाजार में ज्यादा महंगा बिकता है इसलिए किसान को ज्यादा भाव मिलने के कारण इस मक्का को बोने से ज्यादा लाभ मिलता है. व किसान प्रति एकड़ ज्यादा लाभ कमाता है.

  • स्वीट कॉर्न मक्का का उत्पादन- ज्यादातर राज्यों में सामान्य मक्का का उत्पादन किया जाता है इसलिए सभी लोग मक्का के उत्पादन के बारे में अच्छे से जानते है.
  • बीज दर- इसमें बीज दर 2-3 किलोग्राम/एकड़ रखी जाती है. व मक्का की चुपाई 60*30 सेंटीमीटर या 45*45 सेंटीमीटर पर हाथ से की जाती है. इसके लिए पहले खेत को जुताई करके पाटा चलाके. फिर बुवाई की जाती है.
  • बीज की कीमत- इसका बीज लगभग 2000 से 2500 हजार रुपये किलो मिलता है. जो की सामान्य मक्का के बीज की तुलना में कई गुना महंगा रहता है.
  • फ़र्टिलाइज़र की मात्रा- 40 किलोग्राम नाइट्रोजन, 24 किलोग्राम फोस्फोरस एवं 15 किलोग्राम पोटाश प्रति एकड़ की दर से प्रयोग करते है.
    100 किलोग्राम डी.ए.पी. में 18 किलोग्राम नाइट्रोजन व 46 किलोग्राम फास्फोरस रहता है,
    100 किलोग्राम यूरिया के बोरे में 46 किलोग्राम नाइट्रोजन रहता है.
    व 100 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ़ पोटास के बोरे में 60 किलोग्राम पोटाश रहता है इनका कॉम्बिनेशन बनाकर खाद की पूर्ति कर सकते है.
  • बुवाई का समय- अभी मक्का को किसी भी मौसम रबी, खरीफ व जायद में लगा सकते है लेकिन स्वीट कॉर्न मक्का को अगर थोडा पहले लगाया जाये तो इसका भाव ज्यादा मिलता है.
  • स्वीट कॉर्न- इस मक्का की फसल हरे भुट्टे बेचने के लिए लगाई जाती है. बुवाई के 65-70 दिन बाद भुट्टे तैयार हो जाते इनको तोड़कर बाजार में बेच देते है.
  • मंडी में थोक में बेचने पर भुट्टे 20-30 रुपये किलो व फुटकर में बेचने पर 50-60 रुपये किलो बिकते है.
  • किसान इस तरह हरे भुट्टे बेचकर 40- 60 हजार प्रति एकड़ या ज्यादा आसानी से कमा सकते है.
  • इस मक्के के भुट्टो को आग पर पकाकर/सेककर खाते है जो बहुत ही मीठे लगते है. जो इसके भुट्टो को खाना बहुत पसंद करते है.
  • तथा किसान का खेत जल्दी खाली हो जाता है तो वह उसमे अगली फसल भी पका सकता है.

 

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