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वर्मी कम्पोस्ट, केंचुआ का खाद, केंचुआ खाद, केंचुआ द्वारा जैविक खाद का उत्पादन, जैविक केंचुआ खाद, जैविक वर्मी कम्पोस्ट. जैविक खाद उत्पादन तकनीकि,   Vermi-Compost, Organic Manure by Earthworms, Organic Vermi-Compost, Organic Khad production through Earthworms, High potential Organic Khad, Organic Khad, Organic Manure, Organic Fertilizers, Organic Rich vermicompost,

केंचुआ द्वारा जैविक खाद निम्नलिखित स्टेप द्वारा बनाया जाता है.

  •  वर्मी किट या वर्मी कम्पोस्ट यूनिट का साइज़ 7*3*1 फीट रहता है. इसमें वर्मी यूनिट या खड्डे की लम्बाई 7 फीट, चौड़ाई 3 फीट व ऊँचाई 1 रहती. ज्यादा ऊंचाई के वर्मी यूनिट न बनाये.
  • वर्मी यूनिट जमीन के ऊपर पक्की सीमेंट व ईंटो से बनाई जाती है. तथा यूनिट की ढलान वाली एक साइड में छेद रखके उसमे पाइप लगा दिया जाता है ताकि वर्मी वॉश इकठ्ठा कर सके. किसान भाई चाहे तो अन्य साइज़ के यूनिट भी बना सकते है.
  • किसान भाई मजबूत प्लास्टिक की शीट से भी वर्मी यूनिट बना सकते है.
  • आजकल बाजार में प्लास्टिक की वर्मी किट 2-3 हजार रुपये में कृषि की दुकानों या ऑनलाइन मिल जाती है लेकिन यह टिकाऊ या ज्यादा दिन तक नहीं चलती है. केवल 2-3 साल ही चलती है.
  • वर्मी यूनिट को 15 से 30 दिन पुराने गोबर से भरा जाता है. पशु द्वारा तुरन्त किये गोबर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. वर्मी यूनिट को थोड़ा खाली छोड़ देना चाहिए पूरा ऊपर तक नहीं भरते है. एक फुट ऊँचाई के वर्मी यूनिट में 45 से.मी. (3/4 फीट) तक ही गोबर भरना चाहिए.  
  • गोबर भरने के बाद गोबर के ऊपर पानी छिड़का जाता है. गोबर को इतना गीला करते है की इसमें से पानी बाहर न निकले.
  • पानी छिड़कने के 4-5 दिन बाद जब गोबर पूरी तरह ठण्डा हो जाता है तो उसमे केंचुए छोड़े जाते है. वर्मी यूनिट में एक साइड में गोबर में एक छोटा सा गड्डा करते है और केंचुआ को वहा बिखेर देते है और थोड़ी देर इन्तजार करते है सभी केंचुए थोड़ी देर में गोबर में घुस जाते है गड्डे को थोड़े से गोबर से ढक देते है.
  • गोबर में केंचुआ डालने के बाद गोबर को जूट के बोरों से ढक दिया जाता है. और गोबर के ऊपर थोड़ा पानी छिड़क देते है.
  • गोबर में केंचुआ डालने के तुरंत बाद या पहले पूरी वर्मी यूनिट दे ऊपर छाव की जाती है. वर्मी यूनिट के चारों तरफ खम्बा गाड़कर उसके ऊपर फूस वगेरह से छान छाई जाती है.
  • पूरे दिन में कभी भी वर्मी यूनिट के ऊपर धूप नहीं आनी चाहिए. छान या टटिया के ऊंचाई इतनी रखे की किसान वर्मी यूनिट में थोड़ा झुककर घुसे.
  • 4-5 दिन बाद बोरा को उठा कर देखेंगे तो खाद बनता हुआ दिखाई देंगा.
  • 45 दिन में खाद पूरी तरह बनकर तैयार हो जाता है. इसके सीधे खेत में इस्तेमाल करे या बोरों में भरकर अगली फसल के लिए रख दे.
  • खाद बनने के बाद खाद के ढेर बनाये,उसकों थोड़ी देर छोड़ दे केंचुए नीचे चले जायेंगे अब ऊपर से खाद को निकालकर अलग रखे. इसी तरह फिर ढेर बनाये थोड़ी देर इंतेजार करे केंचुए को नीचे जाने दे फिर ऊपर से खाद को अलग कर ले इसी क्रिया को दोहराते रहे. अंत में केवल खाद का ढेर अलग रहता है और थोड़ा खाद व केंचुए का ढेर बचता  है.
  • वर्मी यूनिट को ऊपर बताये अनुसार दुबारा भरे व खाद व केंचुए के मिक्स ढेर को गोबर में छोड़ दे दुबारा खाद बनाना शुरू हो जायेगा.
  • खाद बनने के बाद यूनिट को गोबर से भरते रहे. तो लगातार खाद बनता रहेगा.
  • इस तरह से किसान भाई आसानी से खाद बना सकते है.

ज्यादा जानकरी के लिए कृपया इस वीडियो को जरूर देखे .

धन्यवाद

Agriculture work during Lock Down. Covid – 19, नोवेल कोरोना वायरस लॉकडाउन में कृषि कार्यों के लिए दिशा निर्देश

नोवेल कोरोना वायरस ( COVID – 19 ) के लिए लॉकडाउन की स्थिति में रबी फसल कटाई, खरीफ 2020 के लिए खाद, बीज व  दवाई आदि की उपलब्धता व कृषि क्षेत्र में खाद बीज दवाई के उत्पादन, वितरण व परिवहन के लिए दिशा निर्देश –

  1. बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं का उत्पादन, पैकेजिंग, परिवहन व वितरण करने की अनुमति/छूट सुबह 9 बजे से सांय 4 बजे तक रखी गई है.
  2. बीज, उर्वरक एवं पेस्टीसाइड दवाओं के विक्रय के लिए के विक्रेता – डीलर व होलसेलर के लिए अपनी दुकान सुबह 07 बजे से 11 बजे तक खोल सकते है. केवल 4 घंटे अपनी दुकान खोल सकते है.
  3. रेलवे रैक द्वारा उर्वरकों की आपूर्ति हेतु सड़क मार्ग से परिवहन द्वारा भण्डारण व विक्रय केंद्र तक पहुचाने की छूट है.
  4. बीज उत्पादन करने के लिए बीज की ग्रेडिंग व प्रोसेसिंग सेंटर को व बीज के भंडारण व परिवहन के लिए सुबह 10 बजे से शाम 04 बजे तक प्रोसेसिंग यूनिट आदि को खोलने की छूट है.
  5. रबी फसलों में कटाई में प्रयुक्त होने वाले हार्वेस्टर, ट्रेक्टर, कस्टम हायरिंग सेंटर व अन्य कृषि यंत्रो के संचालन, परिवहन, व कटाई आदि की छूट है. साथ ही यंत्रो के रिपेयरिंग के लिए गेराज, दुकान सर्विस सेंटर को खोलने की अनुमति है.
  6. फसल कटाई के दौरान कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक उपायों का पालन करना जरूरी है.
  7. अनुमति के दौरान 2 से 5 व्यक्तियों से ज्यादा व्यक्ति इकठ्ठा ना हो.
  8. किसी भी कृषि कार्य के दौरान प्रत्येक व्यक्ति कम से कम 6 फीट की दूरी रखे.
  9. मास्क सेनेटाईजर का प्रयोग करना अनिवार्य होगा.
  10. जिस व्यक्ति को सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार आदि है  उस ब्यक्ति कोई भी कार्य न लिया जाये.
  11. फसल कटाई मशीन संचालक सम्बंधित ग्राम सचिव व रोजगार सहायक को आने-जाने की सूचना जरूर दे.

यह कृषि कार्यों के लिए भारत सरकार व राज्य सरकार के दिशा निर्देश है.

ज्यादा जानकरी व अपने जिले व राज्य में दिशा निर्देशों के लिए अपने तहसील, विकासखंड या जिले में कृषि अधिकारी या अपने जिले में कलेक्टर कार्यालय में संपर्क करे.

इन निर्देशों के साथ समय समय पर जिला कलेक्टर व अन्य सम्बंधित विभाग द्वारा भी दिशा निर्देश भी जारी किये जाते है अत उनका भी पालन करना अति आवश्यक है.

वायरस से वचाव के लिए अति जरूरी न हो तो घर से बिल्कुल न निकले.

घवराये नहीं दिए गए नियमों का पालन करे.

……………………..धन्यवाद………………………..