Vacancy in Agri, Assistant Director Agriculture

Vacancy in Madhya Pradesh Public Service Commission.

  • Assistant Director,
  • Kisan Kalyan & Krishi Vikas Vibhag (Farmer Welfare & Agriculture Department (Field and Extension).

Post – Assistant Director (Agriculture).

  • Name of Department – Kisan Kalyan & Krishi Vikas Vibhag (Farmer Welfare & Agriculture Department.
  • Class– Gazetted Second Class.
  • Salary – 15600-39100 + 5400 Grade Pay.

Eligibility for Post – Post Graduate in Agriculture or Graduate in Agriculture Engineering. Commencement of Application – 08.11.2019.

  • Last Date of Application – 07.12.2019.
  • Total Vacancy – 37.
  • Unreserved – 17,
  • SC- 05,
  • ST – 02,
  • OBC – 09,
  • Economically Weaker Class – 04.
  • Age Limit – 21 years to 40 years.
  • Age calculation Date – 01.01.2020
  • Selection Process – Online Examination & Interview.

How to Apply – Applicant can apply online through www.mponline.gov.in, www.mppscdemo.in,   www.mppsc.nic.in, & www.mppsc.com. Fee for application and examination.1250 for SC, ST and Divyangjan  of MP.For other – 2500 Rs.

  • Process of Examination – single examination will be held with two part.
  • Part A- 50 Questions –
  • General knowledge of Madhya Pradesh – 35 Question.
  • General knowledge of India – 10 Question.
  • General knowledge of World – 05 Question.
  • Part B- 100 Question – Related to Agriculture Subject.
  • There will be 150 questions carrying 3 marks each. So online examination will be of 450 Marks.
  • Duration of Examination – it will be 3 hours.
  • Minimum 40 % must be scored in both the parts of examination separately.
  • Question will be multiple choices – there will be four choices (A,B,C & D) of each question.
  • There will be negative marking. One mark will be deducted for each wrong answer.

Interview – Interview will be organised.

  • Interview will be of 50 marks.
  • Online examination qualified Candidate will be interviewed.
  • More than three times candidates of vacant post will participate in interview.
  • Then final result will be announced.

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Vacancy in Agriculture, कृषि विभाग में भर्ती,

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में पद रिक्ति ( Vacancy)

सहायक संचालक

किसान कल्याण एव कृषि विकास ( क्षेत्र एव विस्तार )

पद का नाम – सहायक संचालक, किसान कल्याण एव कृषि विकास  (क्षेत्र एव विस्तार)

विभाग का नाम – किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग.

श्रेणी – राजपत्रित द्वितीय श्रेणी

वेतनमान – 15600 – 39100 + 5400 ग्रेड पे.

पद के लिए योग्यता – बी.एस.सी. कृषि में स्नाकोत्तर या कृषि इंजीनियरिंग स्नातक.

आवेदन की तारीख – 08.11.2019 से शुरू

आवेदन करने की अंतिम तारीख – 07.12.2019

कुल पद – 37

अनारक्षित – 17, अनुसूचित जाति – 05, अनुसूचित जनजाति – 02 अन्य पिछड़ावर्ग – 09, आर्थिक कमजोर वर्ग – 04

आयु सीमा – 21 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक.

आयु गणना की तिथि – 01.01.2020

चयन प्रक्रिया – ऑनलाइन परीक्षा व साक्षात्कार.

आवेदन प्रक्रिया – आवेदन ऑनलाइन किये जायेंगे. आवेदक www.mponline.gov.in, www.mppscdemo.in,   www.mppsc.nic.in, तथा www.mppsc.com, के माध्यम से आवेदन कर सकते है.

परीक्षा एवं आवेदन के लिए शुल्क –

मध्यप्रदेश के मूल निवासी अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (नॉन क्रीमी लेयर) तथा दिव्यांगजन के लिए – 1250 रुपये.

शेष सभी के लिए – 2500 रुपये.

परीक्षा की प्रक्रिया – कुल दो पेपर होंगे.

पेपर खंड अ – 50 प्रश्न – मध्यप्रदेश का सामान्य ज्ञान – 35 प्रश्न, भारत का सामान्य ज्ञान – 10 प्रश्न, विश्व का सामान्य ज्ञान – 5 प्रश्न.

खंड – ब- कृषि – कुल 100 प्रश्न, कृषि विषय से सम्बंधित.

कुल 150 प्रश्न रहेंगे, प्रत्येक प्रश्न के 3 अंक रहेंगे इसलिय कुल 450 नंबर का प्रश्न पेपर रहेगा.

परीक्षा की अवधि – 3 घंटे. दोनों पेपर एक साथ तीन घंटे में होंगे. दोनों पेपर में कम से कम 40 प्रतिशत अंक आना जरूरी है.

प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रकार का होगा. प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प ( A,B,C,D) होंगे.

गलत जबाव देने पर नेगेटिव मार्किंग होंगी. प्रत्येक एक गलत उत्तर के लिए 1 अंक काटा जायेगा.

साक्षात्कार – 50 नंबर का साक्षात्कार होंगा. लिखित परीक्षा में पास होने वालों में से रिक्त पदों से तीन गुना आवेदक साक्षात्कार के लिए बुलाये जायेंगे.

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बायो डीजल पम्प

     बायो डीजल का पम्प लगाने के लिए अनुमानित खर्चा/लागत
     बायोडीजल पम्प कीस्थापना

आवश्यक सुविधा/लागत

  • 1. डिस्ट्रीब्यूटरशिप लागत – 2.5 लाख
  •  ( यह राशि कंपनी पेट्रोल पम्प बंद करने के  बाद  वापस नहीं करती है)
  • 2. पाइपलाइन,फीटिंगबोर्ड & लाइटिंग लागत – 3 लाख
  • 3. तेल भण्डारण टैंक – 3 लाख)
  • 4. तेल डालने वाली मशीन (2 मशीन) – 6 लाख
  • 5. सिक्योरिटी राशि – 5 लाख 
  • (जब कंपनी के साथ व्यापार बंद करते है तब वापस की  जाती है)
  • 6. चल लागत – – 15 लाख  
  • (पम्प से बायो डीजल बेचने के लिएटैंकर कंपनी से मगाते है, एक टैंकर बीस हजार लीटर का आता है अत 20000 लीटर का बायोडीजल तेल  का टैंक खरीदने के लिए इस राशि की जरूरत पड़ती है.)
  • इस तरहआवश्यक सुविधायों की कुल लागत – 34 लाख 50 हजार
  • अन्य सुविधाये जो एक पम्प पर होनी चाहिए –
  • 1. वाटर कूलर – 45 हजार
  • 2. कंप्यूटर, इन्टरनेट – 80हजार
  • 3. डी.जी. 10 के.वी.ए.,14 एच.पी  इलेक्ट्रिक जनरेटर.– 1.5 लाख
  • 4. कैनोपी बजट (पम्प के ऊपर छत) – 1.5 लाख
  • 5. जमीन का पक्का फर्श करने का बजट – 1.5 लाख
  • 6. ऑफिस, बाउण्ड्रीवाल व टॉयलेट का बजट – 5.5 लाख
  • 7. अन्य सुविधायो की कुल लागत – 11.25 लाख
  • इस तरह आवश्यक सुविधायों व अन्य सुविधायों की लागत को जोड़कर एक पम्प लगाने की कुल लागत आती है – 45लाख 75 हजार  (दो डीजल तेल डालने वाली मशीन के साथ) 
  • कागजात एवं साधन
  • जमीन –100 * 100 फीट ( रोड पर )
  • जमीन-जमीन के कागजात, डाईवर्जन सहित,
  • फर्म –जी.एस.टी. नंबर व पैन नंबर सहित
  • जो पम्प लगाना चाहता है उसका आधार कार्ड व पैन कार्ड.
  • 2 फोटो
  • बिजली/इलेक्ट्रिक– 3 फेस कनेक्शन.
  • पानी –पर्याप्त
  • पार्टनर है तो – पार्टनरशिप डीड. 
  • लाभ  –
  • इसमें बायोडीजल का एक टैंकर 20 हजार लीटर का आता है जिसका भाव/रेट सामान्य डीजल के भाव से 5 रुपये प्रति लीटर कम रहता है.
  •  यह बायो डीजल 3 रुपये/लीटर, सामान्य डीजल के भाव से कम भाव पर  बेचना पड़ता है,    
  •  अत इसमें 2 रुपये/लीटर की बचत होतीहै 
  • एक टैंकर 20 हजार लीटर बायो डीजल का आता है इसलिए एक टैंकर पर 2 रुपये प्रति लीटर केभाव से 40 हजार की बचत/आमदनी/लाभ  होता है.
  •  अत आमदनी इस पर निर्भर है कि एक दिन या एक महीने में  कितने टैंकर बिकेंगे.
  • बायो डीजल पम्प लगाने से पूर्व पहले एक-दो सामान्य डीजल पम्प व 2-3 बायोडीजल पम्प पर जानकारी जरूर करनी चाहिए.
  •  ताकि आप बायो डीजल पम्प के व्यापार को आप अच्छी तरह समझ सके.
  • या जो पहले से ही सामान्य डीजल वाला पम्प चला रहे है वो भी पहले से स्थापित बायो डीजल पम्प पर जाकर जानकारी जरूर ले
  • कंपनी की जानकारी 
  • बायोडीजल पम्प लगाने वाली कंपनी की जानकारी के लिए ऑनलाइन सर्च करे तो  कंपनी की जानकारी मिल जाएगी.
  •  उनसे बायो डीजल पम्प की विस्तृत जानकारी लेकरउनके द्वारा स्थापित कुछ पम्पों पर भ्रमण करके, निर्णय करे.
  • बायो डीजलका महत्त्व-
  • यह नए जमाने के ईंधन तेल है, जो भविष्य में काफी काफी लोकप्रिय होंगे.
  •  बायो डीजल से प्रदूषण कम होता है.
  •  गाड़ी का एवरेज बढ़ जाता है.
  •  इससे अच्छी पिकअप मिलता है. गाड़ी में सर्विसिंग व  रिपेयरिंग की जरूरत कम होती है.  
  • इंजन कम कम्पन करता है.
  •  ज्यादा जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करे
  • https://youtu.be/gULZMYBUm-w

टॉप प्रॉफिट देने कृषि व्यवसाय

Top Profitable Agriculture Businesses

हम यहाँ किसान भाइयों के लिए कुछ कृषि व्यवसाय के बारे में बताना चाहते है, जिनको वो लोग अपने फार्म या घर पर ही स्थापित कर सकते है और खेती से और अच्छा पैसा कम सकते है, क्योकि जो कच्चा माल/सामान लगता है वो किसान के पास आसानी से उपलब्ध रहता है, बस किसान को उस व्यवसाय की पूरी जानकारी व उसकी उन्होंने कही ट्रेनिंग ली हो. यह बिज़नेस करना बहुत ही आसान है.

  1. मोती उत्पादन

  • लागत कम से मध्यम.
  • बचत बहुत ही ज्यादा होती है.
  • लेकिन इसमें किसान को प्रशिक्षण की आवश्यकता की होती है.
  • कम जगह की आवश्यकता.
  • छोटे पैमाने पर इसकी लागत लगभग 15-20 हजार तक आती है, और लाभ लगभग हर साल 1-1.5 लाख तक होता है.

2.मशरूम की खेती

  • लागत कम आती है व किसान इसको अपने घर पर आसानी से कर सकते है.
  • चूकि एक बार इसमें उत्पादन शुरू हो जाता है जो तो प्रतिदिन खपत होती है व किसान को लगातार आय मिलना शुरू हो जाता है.
  • पैदा किये गए मशरूम को फ्रेश व सुखाकर व पैक करके दूर स्थानों तक भेजकर लाभ कमा सकते है.
  • इसमें प्रशिक्षण की आवश्यकता. जो 5-10 दिन का रहता है.
  • कम जगह की जरूरत.
  • 3. ब्रोयलर मुर्गी पालन

  • इसमें मांस के लिए मुर्गी पाली जाती है,
  • इसमें मुर्गी के बच्चे लाकर पालने पड़ते है, उनकी उचित देखभाल करने के बाद जब वो पर्याप्त वजन के हो जाते है तो उनकों बाजार या होटलों में बेच दिया जाता है.
  • लागत मध्यम आती है
  • प्रतिदिन बिक्री होती है, इसमें बच्चे से बड़े का रोटेशन बनाना पड़ता है.
  • जगह की कम आवश्यकता होती है.
  • कुछ जगहों पर कुछ बड़ी बड़ी कंपनी किसानो को बच्चे उपलब्ध कराती तथा उनकी देखभाल के लिए डॉक्टर या कंपनी  का कर्मचारी भेजती है ये देखने के लिए की सबकुछ ठीक है. व मुर्गी का दाना भी उपलब्ध कराती है.
  • किसान को केवल शेड बनाना है व उनकी रोजाना देखभाल करनी है.
  • बाद में कंपनी ही उनसे मुर्गा बड़ा होने पर खरीद भी लेती है.
  1. लेयर मुर्गी पालन (अंडा उत्पादन)

  • इसमें मुर्गिया पालकर अंडो का उत्पादन किया जाता है.
  • लागत मध्यम लगाती है .
  • चूकि प्रतिदन खपत व बिक्री होती है अत किसान को लगातार इनकम होती रहती है.
  • जगह की कम आवश्यकता.
  • अधिक देखभाल की आवश्यकता
  1. मुर्गी हेचरी

  • इसमें मुर्गिया रखकर उनसे जो बच्चे पैदा होते हो उनको उन लोगो को बेचा जाता है जो मास व अंडे आदि के लिए मुर्गी पालन करते है.
  • मुर्गी के बच्चे बेचने का व्यवसाय.
  • लागत कम.
  • बचत अच्छी.
  • विशिष्ट तकनीकि की जानकारी होनी चाहिए.
  • कम जगह की आवश्यकता व अधिक देखभाल की आवश्यकता.
  1. मछली पालन

  • लागत मध्यम.
  • उत्पादन व् बचत अच्छी.
  • लोकल बाजार उपलब्ध आसानी से.
  • कम जगह की आवश्यकता
  1. सब्जी उत्पादन

  • संकर सब्जी उगाने पर उत्पादन अच्छा आता है.
  • हमेशा अच्छी, ब्रांडेड कंपनी के ही बीजों का इस्तेमाल करना चाहिए,
  • अधिक भाव वाली सब्जी उगाये.
  • चूकिं रोजाना खपत होती है इसलिए सब्जिओ को रोटेशन में लगाये.
  • हर 7-15 दिन में बेचने वाली व् एक ही वार में पकने वाली सब्जी का बरावर अनुपात रखे.

 

  • 8. नर्सरी

  • सब्जी की पौध.
  • फलो की पौध.
  • शोभाकारी पौधों की पौध.
  • जगह कम की आवश्यकता.
  • मध्यम लागत.
  • मुनाफा बहुत अधिक.
  • लम्बी अवधि तक चलने वाला व्यवसाय.
  • तैयार पौध को कही भी बेच सकते है. एक बार लोगो को पता चल जाये तो लोग एडवांस पैसा देकर भी अपने लिए पौध तैयार करवाते है.
  1. फलो का बगीचा

  • लागत मध्यम से उच्च.
  • लागत शुरू में ही ज्यादा लगती.
  • एक बार पेड़ो में फल आना शुरू हो जाये तो लगातार 15-25 साल तक फल देते है.
  • एक निश्चित समय के बाद बहुत ही अच्छी आमदनी होती है.
  • बाद में न्यूनतम लागत मुनाफा अधिक.

 

 

  • 10.  दुकान का संचालन

  • सभी किसानो को कृषि आदान- खाद, बीज, दवाई की जरूरत होती है अत कोई भी किसान इनकी दुकान खोल सकता है एव अपने गाँव या नजदीकि के गाँव में बेचकर मुनाफा कमा सकता है.
  • प्रतिस्पर्धा अधिक.
  • लागत मध्यम.
  • मुनाफा मध्यम.

11 .बीज उत्पादक कंपनी

  • लागत मध्यम से अधिक.
  • किसानो के साथ सम्बन्ध व सम्पर्क होना आवश्यक ताकि पर्याप्त मात्रा में बीज उत्पादन किया जा सके.
  • मुनाफा बहुत अधिक.
  • बीज प्रमाणीकरण की पूरी जानकारी होनी चाहिए.
  • प्रमाणित बीजो- गेहू, चना, सोयाबीन आदि के बीजो का उत्पादन किसान आसानी से कर सकते है.
  • आजकल हर जिले में बीज प्रमाणीकरण अधिकारी रहता है जिसकी मदद से आसानी से बीज उत्पादन किया जा सकता है.
  1. हाई-टेक डेयरी

  • लागत माध्यम से अधिक.
  • प्रशिक्षण की आवश्यकता.
  • मुनाफा अधिक.
  • लोकल बाजार आसानी से उपलब्ध.
  • चूकि दूध की रोजाना खपत होती है अत यह व्यवसाय कभी भी कही भी चलने वाला व्यवसाय है.
  • डेरी व्यवसाय में गाय व भेंस का उचित अनुपात रखना चाहिए.
  • चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए.
  1. पाली हाउस

  • इसमें किसान सब्जी, खीरा आदि लगा सकते है.
  • इसमें उत्पादन खुले खेत की तुलना में कई गुना ज्यादा आता है.
  •  फसल में रोग व कीड़ो का नुकसान बहुत ही कम होता है.
  • शुरूआत में लागत अधिक लगती है.
  • मुनाफा ज्यादा.
  • निर्माण पर अनुदान/छूट भी मिल जाएगी.
  • उचित देखरेख की आवश्यकता.
  • सिंचाई के पानी का स्रोत होने आवश्यक है जिसमे पुरे साल भर पानी रहता हो.
  • 14. वर्मी कम्पोस्ट-

  • इसमें किसानों को केंचुआ पालन कर केचुआ खाद या वर्मी कम्पोस्ट बनाना रहता है.
  • शुरूआत में वर्मी पिट बनाने के लिए लागत आयेंगी.
  • इन पिट में खाद बनाकर किसान अपने नजदीकि के किसान या शहर में गमले में पौधे लगाने वाले, या पाली हाउस वालो को बेच सकते है.
  • एक बार पिट में केंचुए पालने के बाद केचुओ के संख्या बहुत बाद जाती है तो किसान केंचुओ के भी बेच सकते है.
  • केंचुए 300-500 रुपये प्रति किलो के भाव से बिकते है.
  • तथा केंचुए की खाद 5-15 रुपये किलो के भाव से बिकती है.

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धन्यवाद.

 

 

 

 

Agriculture Loan

How a farmer can take agriculture loan.

Agriculture Loan.

Farmers need loan for crop production, to make a poly house or other new or innovative business or existing agriculture business. But we see most of the time farmers cannot get loan.

Here we are going to inform some procedure by which farmers can get loan easily.

  • Income tax Return- if farmers file income tax return every year than farmers can get loan easily but most of the time farmers do not file the return. Now don’t be confused by filling income tax return, in this they have to give only detail of income from the agriculture. On agriculture income there is no income tax. There will be no problem to farmers if they file income tax return. They can file income tax return by the help of chartered accountant (CA). He will file the return for farmer at a very nominal fee.
  • Training- sometime some government agriculture institutes give training to the farmers. After completing this training, farmer can apply for the agriculture loan. And sometime state government also provides training to the farmers to improve the agriculture in a better way. In this scheme the farmers can also apply for training and loan.
  • If farmer establishes an agriculture business for their own income and he runs this business for a long time and fill income tax return every year than a farmer can get loan easily for the expansion of the business for more income.
  • Mortgage of Land- sometime bank approves loan by mortgaging the land. So farmers can also take loan by this method.
  • Gold Loan- in this farmers can take loan by depositing their gold or silver jewelleries in the bank. By this farmers can take loan easily from the bank. In this type of loan farmers have to pay low rate of interest on the loan in comparison to normal non farmer person. Bank provide subsidy for farmers on the rate of interest of loan. In this bank examines the quality of the jewellery and the jeweler tests the jewellery. After this according to the value of the gold, loan is provided. On the basis of quality, 70-80% loan of the value of the jewellery is provided to the farmer. Taking of such type of loan very easy. It is dispersed to farmer within one or two days.
  • Kisan Credit Card- this is the loan which farmers can get very easily. For the six month bank provides loan for a farmers for crop production. This is to repay after six month. So in one year a farmer can take it two times and repay two times too.
  • The amount of loan depends on the area of the land, type of crops which he grows, and land is irrigated or unirrigated.
  • If farmers pay his loan timely his limit is increased by the bank. It means they can get more loan amount in comparison to earlier.
  • The rate of interest of this loan is very low. It is 7%. In some state, to support the farmers, state government gives subsidy on rate of interest of loan, if he pays timely his loan.
  • If farmers do not pay his loan timely or at given date than he will have to pay more rate of interest on loan. So farmers must pay his loan at given date.
  • Farmers will have to contact to bank which is near to him to apply kisan credit card. The nationalized, cooperative or private bank gives loan to farmers as kisan credit card.
  • It is essential to farmers that he should have ownership of land. The farmers without land can not apply for kisan credit card.

किसानों के कृषि ऋण

  • किसान  ऋण आसानी से कहा से ले ?

  • किसानों के कृषि ऋण

  • Agriculture Loan

  • लगभग सभी किसानो की कृषि में फसल उत्पादन या पाली हाउस तथा कृषि का कोई व्यवसाय करने आदि के लिए कृषि ऋण की जरूरत रहती है हम सभी जानते है की अधिकांशत किसान भाइयो को ऋण नहीं मिलता है. तो हम यहाँ कुछ तरीके बता रहे है, अगर उनको प्रयोग में लाया जाये तो किसान को कृषि ऋण मिलने में आसानी रहेंगी

  • तब क्या करे की-
  • ऐसी स्थिति में किसान को क्या करे की किसान को आसानी से ऋण मिल जाये. अधिकांशतय ऋण लेने के लिए यह सब तरीके है जिनसे किसान को ऋण आसानी से मिल सकता है.
  • 1. इनकम टैक्स रिटर्न – किसान अपनी आय व्यय का ब्यौरा इनकम टैक्स विभाग को रिटर्न भर के दे, लेकिन अधिकांश किसान ऐसा नहीं करते है, लेकिन अगर रिटर्न भरेंगे तो किसानो को कोई दिक्कत नहीं होगी. इनकम टैक्स रिटर्न भरने से भ्रमित न हो कृषि करने पर किसान को कोई टैक्स नहीं लगता है, उनको केवल आय व्यय का ब्यौरा देना है. जिसको किसान किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सी.ए.) के माध्यम से भर सकते है.
  • 2. ट्रेनिंग- कभी कभी सरकार की योजनाये चलती है जो पड़े लिखे किसानो को कृषि की नवीन व विकसित तकनीकि के बारे में प्रशिक्षण देकर ऋण दिलवाती है. ऐसा करके भी पड़े लिखे किसान ऋण ले सकते है.
  • अगर किसान कोई बिज़नेस स्थापित करे व उसको कुछ साल तक चलाये व उसका लगातार इनकम टैक्स रिटर्न भरते है तो बिज़नेस के विस्तार के लिए किसान को आसानी से लोन मिल सकता है.
  • 3. बंधक- जमीन को बंधक रखके भी किसान बैंक से ऋण ले सकते है.
  • 4. सरकार- कभी कभी सरकार भी ऐसी योजना लेकर आती है जिसमे किसानो को ऋण मिल जाता है..
  • 5. गोल्ड लोन
  • घर के सोने चाँदी के जवाहरात/गहने रखकर भी किसान कृषि ऋण ले सकते है.
  • इसमें किसानो को लोन पर ब्याज दर सामान्य लोगो के ऋण लेने की तुलना में बहुत कम रहती है.
  • लगभग 7% के आसपास.
  • ऐसे लोन लेना बहुत ही आसान है.
  • बैंक वाले जौहरी से गहनों की जाँच करवाते है और एक ही दिन में किसान को ऋण मिल जाता है.
  • ऋण के लिए गहनों का बिल भी होना जरूरी नहीं है
  • 6. किसान क्रेडिट कार्ड
  • यह किसानो को बड़ी ही आसानी से मिलने वाला कृषि ऋण है.
  • यह किसानो को किसी भी जिला सहकारी बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक व प्राइवेट बैंक से किसानो को मिलता है.
  • जिला सहकारी बैंक से नगद पैसा मिलता है व खाद बीज आदि भी मिलता है.
  • ऋण कितना  मिलेगा यह जमीन का रकवा, सिंचित/असिंचित, फसल के प्रकार आदि पर निर्भर होता है
  • ब्याज- यह अलग अलग राज्य में अलग अलग है
  • ब्याज दर इसमें किसानो को कम ही रहती है.
  • 7%(लगभग सभी राज्यों में )
  • 3% ( समय पर भरने पर किसानो को 4 % की छूट मिलती है)
  • 0% ( कुछ राज्यों में जैसे मध्यप्रदेश में जिला सहकारी बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने पर)
  • किसान क्रेडिट कार्ड केवल बही किसान ले सकते है जिनके नाम पर जमीन है.
  • ऋण का भुगतान साल में दो बार करना पड़ता है.
  • भुगतान करने के कुछ समय बाद ही पैसा वापिस निकल सकते है.
  • यदि किसान ऋण का सही लेन देन करता हा व ऋण का भुगतान समय पर करते है तो उनको ऋण ज्यादा मिलता है.
  • इसके के लिए किसान को अपने नजदीकि की बैंक में जाकर सम्पर्क करना है.
  • बैंक आसानी से किसान क्रेडिट कार्ड बना देती है.

 

 

 

 

 

 

 

Source of Information to the Farmers.

Source of Information to the Farmers.

Most of times farmer has the problem that from where he should get information. The information which is being gotten from anywhere is correct or not. Is it authenticated, reliable, and may be used without loss? These types of questions are always raised in the mind of the farmer.

So here I am suggesting some reliable source of information from where farmer can take information.

  1. Krishi vigyan kendre-KVK- these are in most of the district of the state and union territories. Approx 680 kvk are working in India. In kvk the scientist of most of stream of agriculture are found, who give advice to the farmer of its area. Farmer can approach to KVK easily and can ask about the problems.
  2. National Research Centre (NRC) – These are very big research centre which do deep research about a particular crops. Farmers can contact to these centre to get solution for their problems.
  3. Kisan Call Centre (KCC) – These are also available in all state and UT. Farmer can call to this centre where the farmer can get suggestion about the crop production and the agriculture related issues. These centres give suggestion to the farmer in their local language. And call to these centre are also free. The common number for this centre is 18001801551 which connect the farmer call in their own state.
  4. Agriculture Technology Management Agency (ATMA) – This is the project of the central government of India. This project is governed by the state agriculture department. In this project the training, farmer tours, kisan sangoshthi, farmer award, kisan mela, capacities building training activities are done. Employee of this project work at Block of the district where farmer can contact to them easily. In this project one farmer friend is appointed at village level for two villages. Farmer can contact to them too.
  5. Agriculture Department- This department of state which also give advice to the farmer and provide agriculture input (seed, pesticides, machinery etc) at subsidy. Most of the subsidy schemes are run by the agriculture Department. Their offices are found at Block and gram panchayat level where farmer can contact to them.
  6. Website- in all state there is website of agriculture and allied departments. On this website the farmers can search the government schemes which are for farmers. Now a day the registration is done on this website to take subsidy on many schemes which is related to farmers.
  7. Mobile App- there are so many app which provide information about the local mandi rate, local Weather report, timely advisory about the crops, library about the package of practices of crop production and in some app if farmer send photo of plant disease or plant insect to them they advice the treatment for that. Ex- kisan suvidha app. Iffco kisan app, etc.
  8. Non-Profit Organization- (NGO). These are also working in most of areas. This work mostly in areas where most of the farmers are below Poverty line (BPL) or belongs to schedule Cast (SC) and scheduled tribe or are marginal and small farmers. So farmers can contact to them for the information.

Thanks.