Grading of Seed,बीज व दानों की ग्रेडिंग,

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स्पाईरल ग्रेडर –आज हम यहाँ चर्चा करेंगे स्पाइरल ग्रेडर के बारे में- इसकी कीमत, इस पर मिलने वाला अनुदान, किस किस फसल में इसका प्रयोग कर सकते है, प्रयोग करने का तरीका, इसके द्वारा ग्रेडिंग के फायदे, फसल की सफाई, बीज व दानों से अन्य फसल के बीज व कूड़े करकट को हटाना आदि के बारे में चर्चा करेंगे.

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स्पाईरल ग्रेडर – इसका उपयोग बीज को साफ करने के लिए किया जाता है. इसके द्वारा गोल दाने वाले बीजों को साफ किया जाता है. जैसे सोयाबीन, उड़द, अरहर, मूंग और चवला आदि. अभी बुवाई का समय आ रहा है तो किसान भाई इसके द्वारा बीज को साफ करके बोये तो उनकी उपज में वृद्धि होगी व फसल में अन्य फसल के पौधे व खरपतवार कम रहेंगे. इसके द्वारा ग्रेडिंग करने से बीज में उपस्थित सभी टूटे हुए बीज, मिट्टी, कंकड़, अन्य फसल के बीज, खरपतवारों के बीज,पौधों के तने, डाली आदि के टुकड़े, पत्तियों के टुकड़े,दाने के छिलके आदि सभी को साफ किया जा सकता है.

अगर किसान फसल कटाई के बाद मंडी में बेचने से पहले सोयाबीन जैसी गोल दाने वालों फसलों को इस स्पाइरल ग्रेडर से साफ करके मंडी में बेचने ले जायेंगे तो निश्चित रूप से उनकों फसल के ज्यादा भाव मिलेंगे. गाँव में अगर एक किसान के पास भी यह स्पाइरल ग्रेडर है तो गाँव के अन्य किसान भी इसका प्रयोग करके अपनी फसल की ग्रेडिंग कर सकते है.

इसकी कीमत 5-6 हजार रुपये रहती है. कुछ राज्यों में कृषि विभाग द्वारा इस पर अनुदान दिया जाता है और इसकी कीमत 1200-1500 रुपये पड़ती है. इस पर लगभग 70-80 प्रतिशत तक अनुदान या छूट मिलती है. इसके लिए अपने जिले में कृषि विभाग में संपर्क करे. इसके द्वारा एक घंटे में लगभग 4-5 क्विंटल तक बीज/दानों की ग्रेडिंग की जा सकती है. और दो मजदूर की एक दिन लागत 500 रुपये रहती है इस तरह से आठ घंटे में लगभग 32-40 क्विंटल तक ग्रेडिंग कर सकते है और ग्रेडिंग की प्रति क्विंटल लागत 12-15 रुपये आती है. और ग्रेडिंग वाली फसल बिना ग्रेडिंग की गई फसल की तुलना में 100-350 रुपये प्रति कुन्तल ज्यादा भाव में बिकती है. तो किसान को बहुत ही ज्यादा लाभ होता है.

ऊपर से जब बीजों या दानों को डालते है तो ये पुरे स्पाइरल मशीन में घूमते है और नीचे की तरफ लुढ़कते है, और एक तरफ साफ दाने व दूसरी तरफ से कचरा आदि बाहर निकलता है. इसको चलाने के लिए किसी इलेक्ट्रिक या मोटर ट्रेक्टर आदि की जरूरत नहीं पड़ती है. नाही किसी मजदूर आदि को इसे चलाना पड़ता है. बस इसकों सीधा खड़ा करके ऊपर से दानों को डालते रहे और नीचे टोकरी लगा कर साफ दानों को वापिस से बोरों में भरते रहे व कचरे आदि को भी टोकरी में भरकर एक तरफ डाल दे.

इस तरह से किसान भाई बीज व फसल की सफाई व ग्रेडिंग कर सकते है. व फसल उत्पादन में ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सकते है. दोस्तों इस जानकारी/पोस्ट को शेयर करना न भूले साथ ही वेवसाईट को सब्सक्राइब करके आपका सहयोग व स्नेह बनाये रखे. धन्यवाद. सभी को शुभकामनाये.

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